
महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक के बारे में सभी जानते हैं। उनके पास राम प्रसाद नाम का एक हाथी भी था। अकबर की ओर से मुगल सेना में हिस्सा लेने वाले अल-बदायूंनी ने महाराणा प्रताप के हाथी राम प्रसाद के बारे में लिखा है कि हल्दी घाटी युद्ध के समय अकबर की सबसे बड़ी इच्छा महाराणा प्रताप व उनके राम प्रसाद नाम के हाथी को बंदी बनाने की थी। राम प्रसाद ने अकेले ही अकबर के 13 हाथियों को हल्दी घाटी युद्ध में मार गिराया था। तब सात हाथियों पर सवार अकबर के 14 महावतों ने अकबर से अनुमति लेकर राम प्रसाद को घेर कर बंदी बना लिया और अकबर के समक्ष पेश कर दिया। अकबर ने उसका नाम बदलकर पीर प्रसाद रख दिया। बंदी बना लिये जाने के बाद स्वामी भक्त राम प्रसाद ने खाना-पीना त्याग दिया। अकबर के आदेश पर उसे ढीला देने के लिए उसे गन्ने का रस दिया गया, लेकिन राम प्रसाद ने 18 दिन तक मुँह-खोलकर अन्न ग्रहण नहीं किया।








































































